एक ऐसा कवि/चिट्ठाकार जिसने महज डेढ़ वर्षों की चिट्ठाकारी में वह मुकाम प्राप्त करने में सफल हुआ जो मुकाम शायद हीं किसी को अबतक प्राप्त हुआ हो .एक ऐसा कवि जिसकी कविता की आग जलाती नहीं वल्कि कलुषित परिवेश की कालिमा जलाकर उसके बदले एक खुशहाली से भरे विहान की ललक में ही आग जगाती है !
एक ऐसा कवि जिसकी साहित्यिक साधना पाठकों के सिने में दबी आग को बाहर ही नहीं निकालते वल्कि उन्हें आंदोलित भी करती है !
जानते हैं कौन है वो ?
वो हैं ओम आर्य
जिन्हें ब्लोगोत्सव की टीम ने वर्ष का श्रेष्ठ युवा कवि का खिताब देते हुए सम्मानित करने का निर्णय लिया है !
विस्तृत जानकारी के लिए यहाँ किलिक करें

नई दिल्ली से सुषमा सिंह की एक विस्तृत रपट रविवार दिनांक 8 मई 2011 के दैनिक जनसंदेश टाइम्स, लखनऊ में पेज 19 पर प्रकाशित।





























12 comments:
बधाईयाँ और शुभकामनाएं....!
बहुत बहुत बधाई
congratulation.........
बहुत बहुत बधाई
वाह...वाह......!!
ओम जी क्या बात है .......!!
मिठाइयाँ......?????
ओम जी,बधाईयाँ !
vakai aum ji ki kvitaon ka koi sani nahi ..
bahut bahut badhai .
ओम भाई, बहुत बहुत बधाई।
…………..
प्रेतों के बीच घिरी अकेली लड़की।
साइंस ब्लॉगिंग पर 5 दिवसीय कार्यशाला।
बधाईयाँ और शुभकामनाएं....!
बधाई हो।
इस सम्मान के लिये हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं
बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएँ
प्रमोद ताम्बट
भोपाल
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