इसी के साथ आज छठे दिन का कार्यक्रम संपन्न . कल अवकाश का दिन है, मिलते
हैं पुन:दिनांक २८.०४.२०१० को प्रात: ११ बजे परिकल्पना पर, तबतक के लिए शुभ विदा
हम हिन्दी के माध्यम से एक सुन्दर और खुशहाल सहअस्तित्व की परिकल्पना को मूर्तरूप देना चाहते हैं।
| () मुखपृष्ठ () ब्लोगोत्सव-२०१० () वटवृक्ष () ब्लॉग परिक्रमा () शब्द सभागार () प्रगतिशील ब्लॉग लेखक संघ () साहित्यांजलि () शब्द शब्द अनमोल () |
|---|
This site is worth$5499Your website value?
Read in your own script
Roman(Eng)
Gujarati
Bangla
Oriya
Gurmukhi
Telugu
Tamil
Kannada
Malayalam
Hindi
Via chitthajagat.in
Read in your own script
Roman(Eng)
Gujarati
Bangla
Oriya
Gurmukhi
Telugu
Tamil
Kannada
Malayalam
Hindi
Via chitthajagat.in
View in your script:
6 comments:
बधाई.............
पढ़ कर आनन्द आया
- अलबेला खत्री
ब्लॉग-जगत में अनगिन उत्तरदायित्वहीनताओं और निष्क्रियताओं के मध्य ऐसा मौलिक उत्तरदायी प्रयास सराहनीय है ! मैं इस पहल से एक नयी आशा का स्वर सुन पा रहा हूँ
हिमांशु के इस कथन से शत प्रतिशत सहमत
Aapka prayaas bahut hi saraahniy hi...
तारीफें जितनी की जाए कम है ...इस आयोजन से निश्चय ही ब्लॉग जगत धन्य हो गया है ....इतनी उत्कृष्ट रचनाएँ पढ़ने को मिल रही है की टिपण्णी करना हम भूल जा रहे हैं ....आनंद आ गया इस उत्सव में शामिल होकर !
प्रयास सराहनीय है !
bhut achha laga
एक टिप्पणी भेजें