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सोमवार, 19 अप्रैल 2010

ब्लोगोत्सव-२०१० : आईये अब ज़रा काव्य की ओर मुड़ते हैं



चिट्ठाकारी में अपनी सार्थक सक्रियता से पूरे ब्लॉगजगत को अचंभित कर देने वाली महिलाओं में सर्वाधिक अग्रणी चिट्ठाकारा हैं श्रीमती निर्मला कपिला । निर्मला जी पिछले वर्ष परिकल्पना ब्लॉग विश्लेषण के अंतर्गत हिंदी ब्लॉगजगत की नौ श्रेष्ठ महिला चिट्ठाकारों में शामिल थी । निर्मला जी कथा लेखन में उत्कृष्टता के साथ निरंतर सृजनरत हैं वहीं इनकी गज़लें और कविताएँ भी गहरी संवेदनात्मक अभिव्यक्ति छोड़ती है। इन्हें हिंदी चिट्ठाजगत में अत्यधिक सम्मान प्राप्त है .....

प्रस्तुत है आज उनकी चार कविताएँ ...... यहाँ किलिक करें

जारी है उत्सव मिलते हैं एक अल्प विराम के बाद ....

4 comments:

रश्मि प्रभा... ने कहा…

सुहाग चिन्हों की विशेषताओं के साथ निर्मला जी ने अपने भावों को जिस तरह जोड़ा है, वह मंत्रोचार से कम नहीं...
हर कविता इस उत्सव को मानक बना रही है

mala ने कहा…

आज तीसरा दिन भी ग़ज़ब कॅ आकर्षण पैदा कर रहा है , निर्मला जी की कविताएँ इस उत्सव को आयामित कर रही है , आपको साधुवाद !

पूर्णिमा ने कहा…

बहुत सुंदर आयोजन , बधाइयाँ !

Udan Tashtari ने कहा…

निर्मला जी को प्रणाम...शुभारंभ इससे बेहतर और कुछ नहीं हो सकता.

हिंदी ग़ज़ल की विकास यात्रा पर रवीन्द्र प्रभात का एक समग्र आलेख

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