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रविवार, 18 अप्रैल 2010

ब्लोगोत्सव-२०१० : मिले सुर मेरा तुम्हारा

प्रिय मित्रों,
तकनीकी कारणों से आज का कार्यक्रम आधा घंटा विलंब से शुरू होगा , तबतक दूरदर्शन के अबतक के सबसे सफल और सर्वाधिक चर्चित संदेश " मिले सुर मेरा तुम्हारा तो सुर बने हमारा " का विडिओ देखिये ....इससे होने वाली असुविधा के लिए हमें खेद है !

4 comments:

Shekhar kumawat ने कहा…

bahut khub



shekhar kumawat


http://kavyawani.blogspot.com

रश्मि प्रभा... ने कहा…

हमारे सुरों की गूँज

परमजीत बाली ने कहा…

बहुत बढिया!! अच्छी प्रस्तुति।

shashisinghal ने कहा…

बहुत बढिया ,
हम न सुर भूलेंगे और न ब्लॉगिंग
ब्लॉगिंग सुर कुछ इस तरह --
मिले ब्लॉग मेरा - तुम्हारा
तोssssss ब्लॉग बनेssssन्यारा
जो कहलाए परिकल्पना ब्लॉगोत्सव----

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