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रविवार, 18 अप्रैल 2010
ब्लोगोत्सव-२०१० : मिले सुर मेरा तुम्हारा
प्रिय मित्रों,
तकनीकी कारणों से आज का कार्यक्रम आधा घंटा विलंब से शुरू होगा , तबतक दूरदर्शन के अबतक के सबसे सफल और सर्वाधिक चर्चित संदेश " मिले सुर मेरा तुम्हारा तो सुर बने हमारा " का विडिओ देखिये ....इससे होने वाली असुविधा के लिए हमें खेद है !
तकनीकी कारणों से आज का कार्यक्रम आधा घंटा विलंब से शुरू होगा , तबतक दूरदर्शन के अबतक के सबसे सफल और सर्वाधिक चर्चित संदेश " मिले सुर मेरा तुम्हारा तो सुर बने हमारा " का विडिओ देखिये ....इससे होने वाली असुविधा के लिए हमें खेद है !

नई दिल्ली से सुषमा सिंह की एक विस्तृत रपट रविवार दिनांक 8 मई 2011 के दैनिक जनसंदेश टाइम्स, लखनऊ में पेज 19 पर प्रकाशित।


































4 comments:
bahut khub
shekhar kumawat
http://kavyawani.blogspot.com
हमारे सुरों की गूँज
बहुत बढिया!! अच्छी प्रस्तुति।
बहुत बढिया ,
हम न सुर भूलेंगे और न ब्लॉगिंग
ब्लॉगिंग सुर कुछ इस तरह --
मिले ब्लॉग मेरा - तुम्हारा
तोssssss ब्लॉग बनेssssन्यारा
जो कहलाए परिकल्पना ब्लॉगोत्सव----
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