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शुक्रवार, 12 मार्च 2010

ब्लॉग उत्सव-2010 की परिकल्पना

Photo Flipbook Slideshow Makerहमारे लिए प्रत्येक दिन किसी-न-किसी रूप में उत्सव का दिन होता है । उत्सव का यह रंग हमारी परंपराओं और रीति-रिवाजों को कायम रखने, आपस में लोगों को जोड़ने और सर्वत्र हंसी-खुशी का वातावरण बनाए रखने में मदद करता है । सामूहिक रूप से जो उत्सव मनाये जाते हैं , मूल रूप में उनका तात्पर्य यही है , कि हम एक-दूसरे को जानें, समझे और आपस में विचारों का आदान-प्रदान करें । यानी कि अनेकता में एकता का बोध कराता है उत्सव ।

पूरे हिन्दी ब्लॉग जगत का यदि अवलोकन किया जाए तो यह दृश्य उभर कर सामने आता है कि १५००० से अधिक ब्लॉग इस समय अस्तित्व में है । कहीं फिल्म, कहीं गायन, कहीं साहित्य , कहीं संस्कृति, कहीं खोज, कहीं खबर, कहीं कार्टून तो कहीं बतकही का माहौल है । हर कोई मस्त है अपनी डफली अपना राग अलापने में ।

इसमें कोई संदेह नहीं कि विविधता से परिपूर्ण हिन्दी ब्लॉग जगत में बहुत कुछ समाहित हो चुका है जो अन्यत्र नहीं दिखाई देता । हिन्दी के चिट्ठों पर अनेक उपासना-पद्धतियों, पंथों , दर्शनों, लोक भाषाओं , साहित्य और कला के विकास ने हमारी वैचारिक समृद्धि और सम्पन्नता को सुदृढ़ किया है । वैसे तो हम टिप्पणियों के माध्यम से जुड़े हैं एक दूसरे ब्लोगर के साथ, किन्तु समयाभाव के कारण हम सारे अच्छे ब्लॉग पोस्ट नहीं पढ़ पाते । एक-दूसरे के विचारों को आत्मसात नहीं कर पाते । ऐसे में जरूरी है कि हम उत्सव का माहौल बनाए रखें, पारस्परिक सद्भाव का माहौल बनाए रखें और यदि आपस में मत भिन्नता की स्थिति है भी तो हम मन भिन्नता की स्थिति न आने दें ।

हर ब्लोगर की अपनी एक अलग पहचान है , कोई साहित्यकार है तो कोई पत्रकार , कोई समाज सेवी है तो कोई संस्कृति कर्मी , कोई कार्टूनिस्ट है तो कोई कलाकार । हर ब्लोगर के सोचने का अपना एक अलग अंदाज़ है , एक अलग ढंग है प्रस्तुत करने का । अलग-अलग नियम है , अलग-अलग चलन किन्तु फिर भी एक सद्भाव है जो आपस में सभी को जोड़ता है । नि:संदेह इसकी जड़ों में सहिष्णुता की भारतीय मर्यादा है, जो हमें सद्भावना की शिक्षा देती है । मेरा मानना है कि सद्भाव ही वह शक्ति है जिसके बल पर यह हिन्दी ब्लॉग जगत सबल होगा ।इन्हीं उद्देश्यों के दृष्टिगत हम परिकल्पना पर मनाने जा रहे हैं "परिकल्पना ब्लॉग उत्सव-2010"

  • इस उत्सव का नारा होगा- " अनेक ब्लॉग एक हृदय "
  • इस उत्सव में हम प्रस्तुत करेंगे कुछ कालजयी रचनाएँ , विगत दो वर्षों में प्रकाशित कुछ महत्वपूर्ण ब्लॉग पोस्ट , ब्लॉग लेखन से जुड़े अनुभवों पर वरिष्ठ चिट्ठाकारों की टिप्पणियाँ ,साक्षात्कार , मंतव्य आदि ।
  • विगत वर्ष-२००९ में ब्लॉग पर प्रकाशित कुछ महत्वपूर्ण कवितायें, गज़लें , गीत, लघुकथाएं , व्यंग्य , रिपोर्ताज, कार्टून आदि का चयन करते हुए उन्हें प्रमुखता के साथ हम ब्लॉग उत्सव के दौरान प्रकाशित करेंगे ।
  • कुछ महत्वपूर्ण चिट्ठाकारों की रचनाओं को स्वर देने वाले पुरुष या महिला ब्लोगर के द्वारा प्रेषित ऑडियो/वीडियो भी प्रसारित करेंगे ।
  • उत्सव के दौरान प्रकाशित हर विधा से एक-एक ब्लोगर का चयन कर , गायन प्रस्तुत करने वाले एक गायक अथवा गायिका का चयन कर तथा उत्सव के दौरान सकारात्मक सुझाव /टिपण्णी देने वाले श्रेष्ठ टिप्पणीकार का चयन कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा ।
  • साथ ही हिन्दी की सेवा करने वाले कुछ वरिष्ठ चिट्ठाकारों को विशेष रूप से सम्मानित किये जाने की योजना है ।
  • यह उत्सव एक या दो महीने तक परिकल्पना पर चलेगा ।

यह उत्सव अभी प्रस्तावित है , जिसे अंतिम रूप आपके सुझाव के अवलोकन के पश्चात ही दिया जाएगा । आप यदि टिपण्णी के माध्यम से अपने सुझाव नहीं देना चाहते हैं तो कृपया इस ई-मेल आई डी ravindra.prabhat@gmail.com

पर आपने अमूल्य सुझाव प्रेषित करें ।

30 comments:

Arvind Mishra ने कहा…

प्रशंसनीय उपक्रम
"उत्सव का यह रंग हमारी परंपराओं और रीति-रिवाजों को कायम रखने, आपस में लोगों को जोड़ने और सर्वत्र हंसी-खुशी का वातावरण बनाए रखने में मदद करता है ।"
sahamat

rashmi ravija ने कहा…

यह बहुत ही स्वागत योग्य कदम है...प्रसन्नता है कि कुछ चुनिन्दा उत्कृष्ट रचनाएं पढने को मिलेंगी.

ललित शर्मा ने कहा…

स्वागत है।

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

बहुत ही सुंदर और प्रसंशनिय कदम. अग्रिम सफ़लता की बधाई.

रामराम.

Suman ने कहा…

nice..............nice............nice.................

नीरज गोस्वामी ने कहा…

बहुत नया विचार है और अच्छा भी लेकिन ये बहुत मेहनत मांगता है...साल भर के दौरान प्रकाशित पोस्ट्स का श्रेणी बद्ध तरीके से अध्यन करना कोई हंसी ठठ्ठा नहीं...बहुत परिश्रम और समय मांगता है...आप कैसे कर पाएंगे ये सब? अच्छी और श्रेष्ठ पोस्ट के आंकलन में चूक भी हो सकती है और उस स्तिथि में तनाव और भेद भाव की बात भी हो सकती है, क्यूँ की आवश्यक नहीं की जो लेख मुझे पसंद हो वो आपको भी पसंद आये...ये काम ऐसा है जिसमें यश मिलने की कम और अपयश मिलने की सम्भावना अधिक है...ये सब जानते बूझते हुए भी अगर आप ऐसा कदम उठाना चाहते हैं तो हम आपके साथ हैं...
नीरज

पूर्णिमा ने कहा…

"परिकल्पना ब्लॉग उत्सव-2010" स्वागत योग्य कदम है...किन्तु इसमें अत्यधिक श्रम की आवश्यकता है . नीरज जी ने सही कहा है कि आप कैसे कर पाएंगे ये सब?

हिमांशु । Himanshu ने कहा…

गुरुतर कार्य है, पर शायद आप ऐसे गुरुतर कार्य की शुरुआत और उसे सम्पादित कर सकने वाले सर्वमान्य व्यक्तित्व हैं ।

यह सोच ही अत्यन्त महत्वपूर्ण है, और शुरुआत भी । हम सब साथ हैं आपके। रचनात्मक सोच यही तो है ।
आभार ।

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

स्वागत योग्य कदम है...

गौतम राजरिशी ने कहा…

ये तो बड़ा ही श्रम-साध्य वाली परिकल्पना है रविन्द्र जी। लेकिन आपकी क्षमता से पूरा हिंदी-ब्लौग परिचित है...

अविनाश वाचस्पति ने कहा…

सुंदर और बेहतर परिकल्‍पना। हिन्‍दी ब्‍लॉगिंग को भव्‍य बनाएगी। नेक विचार।

निर्मला कपिला ने कहा…

प्रभात जी आपकी प्रतिभा और कुछ नया करने की क्षमता तो हम परिकल्पना पर पहले भी देख चुके हैं । और अब ये नया प्रयास "परिकल्पना ब्लॉग उत्सव-2010" तो और भी सराहणीय कदम है। बेशक ये एक दुरूह कार्य है मगर मुझे पूरा विश्वास है कि आप इसे कर पायेंगे। आपकी कर्मठता और साहित्य सेवा वंदणीय है। बहुत बहुत शुभकामनायें।

मनोज कुमार ने कहा…

एक स्वागत योग्य कदम है।

गीतकार /geetkaar ने कहा…

यह परिकल्पना तो अपरिकल्पनीय है, मगर वह कार्य कार्य ही क्या जिसमेंजोखिम न हो ! आप श्री गणेश करें हम आपके साथ हैं .

mala ने कहा…

स्वागत योग्य नेक विचार।

अजय कुमार झा ने कहा…

रविंद्र जी मुझे तब बहुत मजा आता है जब पाता हूं कि कोई एकदम नई सोच और परिकल्पना के साथ सामने आता है ...और आपके लिए तो कहा ही क्या सच कहा आपने ...आज ब्लोगजगत को उत्सव परंपरा को निभाने की बहुत जरूरत है ...शुक्रिया आपका
अजय कुमार झा

मनोज कुमार ने कहा…

बहुत अच्छी प्रस्तुति।
इसे 13.03.10 की चिट्ठा चर्चा (सुबह ०६ बजे) में शामिल किया गया है।
http://chitthacharcha.blogspot.com/

Dr. Smt. ajit gupta ने कहा…

भैया पुरस्‍कार वगैरह का निर्धारण एलफाबेट से करना, जिससे हमारा भी नम्‍बर आ जाए। नहीं तो हमें तो न जाने कितने शताब्‍दी तक इंतजार ही करना पड़ेगा। आपका प्रयास सराहनीय है, हमारे योग्‍य कोई सेवा हो तो अवगत कराएं। हम आपकी सेवा में सदैव तत्‍पर हैं।

रश्मि प्रभा... ने कहा…

khoobsurat kalpana

उन्मुक्त ने कहा…

अच्छा कदम है।

पंकज ने कहा…

विचारपूर्ण परिकल्पना. साधुवाद.

जी.के. अवधिया ने कहा…

आपके द्वारा पूर्व में किये गये कार्य सराहनीय रहे हैं और आपका यह कार्य तो सोने में सुगंध का काम करेगा।

Akanksha~आकांक्षा ने कहा…

बहुत महत्वपूर्ण कदम...परिश्रम-साध्य अवश्य है, पर ब्लॉग-जगत को नई पहचान भी देगा..इस नेक कार्य के लिए शुभकामनायें.

रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

बढ़िया विचार है निसंदेह यह बहुत मेहनत का काम है .शुभकामनाएं

विनय ने कहा…

बढ़िया विचार है!

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा…

एक सार्थक कल्पना। यह भलीभांति सम्पन्न हो, हमारी यही है कामना।

रश्मि प्रभा... ने कहा…

यह परिकल्पना अद्भुत है........

Vijay Kumar Sappatti ने कहा…

sir ji

hum aapke saath hai..

aabhaar ...

vijay

आशीष मिश्रा ने कहा…

हम आपके साथ हैं.

honesty project democracy ने कहा…

बहुत अच्छा है आपका ये प्रयास ब्लोगिंग को एक प्रभावी पहचान दिलाने की दिशा में....

परिकल्पना सम्मान-२०१०

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