में रहने वाले हिंदी चिट्ठाकार इस दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है कि उनकी सोच - विचारधाराओं में अलग-अलग देशों की विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक परिस्थितियाँ हिन्दी की व्यापक रचनाशीलता का अंग बनती हैं, विभिन्न देशों के इतिहास और भूगोल का हिन्दी के पाठकों तक विस्तार होता है। विभिन्न शैलियों का आदान -प्रदान होता है और इस प्रकार हिंदी अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अपनी सार्थक उपस्थिति दर्ज कराने में कामयाब होती दिखती है ।
विश्लेषण के अंतर्गत इस श्रेणी के प्रथम चिट्ठाकार है श्री महावीर शर्मा । ब्लॉग है- महावीर । इस ब्लॉग पर चिट्ठाकार के द्वारा प्रतिष्ठित रचनाकारों की रचनाओं के साथ साथ नए रचनाकारों की रचनाएं प्रस्तुत की जाती है । वरिष्ठ रचनाकार श्री शर्मा का जन्म २० अप्रैल १९३३ को दिल्ली में हुआ । एम. ए. हिन्दी से लंदन यूनिवर्सिटी तथा ब्राइटन यूनिवर्सिटी में मॉडर्न गणित, ऑडियो विज़ुअल एड्स तथा कराने के साथ-साथ इन्होने उर्दू का भी अध्ययन किया है । Pitt Audio - पिट ऑडियो और तीसरा ब्लॉग है - that's it जो सूचना तकनीक ब्लॉग, इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी, माइक्रोसॉफ्ट, प्रोग्रामिंग के साथ-साथ सी शार्प, विजुअल स्टूडियो, शेयरपॉइंट आदि की जानकारी उपलब्ध करता है । श्री अनुराग बहुचर्चित ब्लॉग - आवाज़ के भी टीम मेंबर हैं । अपने बारे में अनुराग कहते हैं , कि- पिट्सबर्ग में बैठकर हिन्दी में रोज़मर्रा की बातें लिखता हूँ। शायद उनमें से कुछ आपके काम आयेंगी और कुछ आपका दिन सार्थक करेंगी ।
इस श्रेणी के तीसरे किंतु अति महत्वपूर्ण चिट्ठाकार हैं - श्री जीतू । वतन से दूर, वतन की बातें, एक हिन्दुस्तानी की जुबां से…अपनी बोली में लिखने वाले जीतू का ब्लॉग है - मेरा पन्ना । यह ब्लॉग हिन्दी के सर्वाधिक चर्चित ब्लॉग की श्रेणी में अग्रणी है । कानपुर का यह चिट्ठाकार कुबैत जाकर भी कानपुर को ही जीता है , कानपुर को ही महसूस करता है और कानपुर की स्मृतियों में खोकर अपने लेखन को धार देता है । वकौल जीतू-बचपन बीता कानपुर मे……।कई कई बार शहर से थोड़े थोड़े समय के लिये दूर हुए।लेकिन हर दूरी मे शहर से प्यार बढता गया, दीवानगी की हद तक । मै हिन्दी, उर्दू,अंग्रेजी, सिन्धी, पंजाबी,अरबी और फ्रेंच भाषायें बोल लेता हूँ, लेकिन मेरे को हिन्दी भाषा सबसे अच्छी लगती है । जिन्दगी मे काफी उतार चढाव देखे……अपनों को बदलते देखा, गैरों को हाथ बढाते देखा…शायद यही दुनिया है । ब्लाग लिखने का मकसद, लोगों तक अपने विचार पहुँचाना और लोगो के विचारों तक पहुँचना , ब्लाग लिखने के लिये कभी भी ड्राफ्ट का प्रयोग नही किया, जो जी मे आया लिख दिया, हालांकि बाद मे कई बार लगा, कि इससे भी बेहतर लिखा जा सकता था......आस पास की सबसे बड़ी उपलब्धि-हिन्दी ब्लागजगत के साथियों का सानिध्य पाना ,सपने देखना बहुत पसन्द है, खासकर पिछली जिन्दगी से मुत्तालिक…… 
नई दिल्ली से सुषमा सिंह की एक विस्तृत रपट रविवार दिनांक 8 मई 2011 के दैनिक जनसंदेश टाइम्स, लखनऊ में पेज 19 पर प्रकाशित।





































22 टिप्पणियां:
yah ek badaa kaam kar diya aapane. duniya me faile huye bharteeyon ke blogo ka pata mil gaya. link bhi mil gaya. click karo aur un tak pahunc h jao. dhanyvad, badhai.ab in sabase judane ka ek sundar avasar mila hai.
वर्ष-२००९ के त्रिमूर्ति यानि वर्ष के प्रखर प्रवासी/ अप्रवासी भारतीय चिट्ठाकारों को ढेर सारी बधाईयाँ .....
गागर में सागर भर दिया आपने। बधाई।
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ये तो बहुत ही आसान पहेली है?
धरती का हर बाशिंदा महफ़ूज़ रहे, खुशहाल रहे।
सचमुच आप प्रणम्य हैं , आपने इस बार के विश्लेषण में वह बड़ा करा कर दिखाया है जो शायद आज तक हिंदी ब्लॉग जगत में किसी ने नहीं किया होगा ...आपका यह अवदान नि:संदेह प्रशंसनीय है ...आपका आभार!
इटली के चिट्ठेकार सुनील दीपक से तथा उनके चिट्ठे ’ जो न कह सके ’ से आपका तार्रुफ़ अब तक नहीं हुआ,यह ताज्जुब है । वे एक चित्र का चिट्ठा भी पेश करते हैं ।
गजब का निरीक्षण !!
बहुत ही सार्थक जानकारी पूर्ण आलेख प्रस्तुति ... आभार
ye to acchi baat hai,
कितनी मेहनत, कितना समर्पण !
बेहद उपयोगी व महत्वपूर्ण है यह अंक । आभार ।
बहुत परिश्रम किया है आपने ये आँकडे इकठे करने मे । धन्यवाद इस जानकारी के लिये।
श्रम साध्य विश्लेषण और उस विश्लेषण पर गज़ब का नियंत्रण ....बधाईयाँ !
सच में बहुत परिश्रम किया है आपने, इस मह्त्वपूर्ण पोस्ट पर। पिछली पोस्ट्स जैसा
बी एस पाबला
great analysis! naman aapko.
मेहनत तो हुई है, पर हाल मे ही इटली से अमेरिका गये रामचंद्र मिश्र जी का भी नाम नदारत है।
आप के श्रम ने हिन्दी ब्लाग जगत की महत्वपूर्ण समीक्षा की है जो आगे मील का पत्थर साबित होने वाली है।
अपने पाठक को बहुमूल्य सूचना संसार दिया है।
शानदार विश्लेषण प्रवासी/ अप्रवासी भारतीय चिट्ठाकारों का.बहुत आनन्द आया.
इति ब्राह्मण: कथा अस्ति !!!
बहुत अच्छा लगा.........सबको मेरी शुभकामनायें
इतने विस्तृत और सुचारू ब्लॉग-विश्लेषण के लिए बधाई. आदरणीय महावीर जी जैसे साहित्यकार और जीतू जी जैसे महारथी ब्लोगर के साथ अपना ज़िक्र भी पाकर धन्य महसूस कर रहा हूँ.
शुभकामनाएं!
बहुत आभारी हूँ जी ....आपने मेरा नाम प्रमुख महिला अप्रवासी चिठ्ठाकारों में शामिल किया है
आज ही इस अथक परिश्रम से एकत्रित किये ब्लॉग प्रविष्टी पर ध्यान गया है
विनीत,
- लावण्या
आपके द्वारा जुटाई और लुटाई गयी इस बहुमूल्य जानकारी के लिये आभार शब्द बहुत हल्का प्रतीत होता है. आपकी अनुमति हो तो चिट्ठा जगत के सितारों को क्रमशः दिव्य नर्मदा पर आपके सौजन्य उल्लेख सहित प्रस्तुत करूँ.
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